
कोटद्वार। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में जिम संचालक दीपक कुमार को गुरुवार शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दीपक कुमार इसी साल की शुरुआत में उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को कथित रूप से परेशान कर रहे बजरंग दल के सदस्यों का विरोध किया था। अब उन पर एक स्थानीय व्यापारी से बदसलूकी, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी को शांति-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर की गई एहतियाती कार्रवाई बताया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कोटद्वार कोतवाली में व्यापारी संजीव टोंक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दीपक कुमार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। बाद में जांच के दौरान मारपीट से जुड़े आरोप भी सामने आए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पहले भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरों और अन्य साक्ष्यों को देखा गया। इन साक्ष्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 115 भी जोड़ी गईं। धारा 196 विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने या सौहार्द बिगाड़ने से जुड़े मामलों से संबंधित है, जबकि धारा 115 स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के मामलों में लागू होती है। पुलिस के मुताबिक उपलब्ध साक्ष्यों में प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता के साथ गाली-गलौज, मारपीट और धमकी का मामला सामने आया।
Mohammed Deepak, who had acted to save a Muslim shopkeeper from Bajrang Dal members, was allegedly found assaulting an elderly Hindu shopkeeper.
— Mr Dheeraj (@siyasilafda) October 2, 2026
He has been arrested. pic.twitter.com/3ghg9gbvT5
पुलिस ने बताया कि मामले में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए दीपक कुमार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया। यह प्रावधान पुलिस को किसी संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए एहतियाती गिरफ्तारी की अनुमति देता है। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में किसी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस ने कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी किया।
मामला सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, उज्जैन में एक मस्जिद के आंशिक ध्वस्तीकरण से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट पर की गई टिप्पणी को लेकर दीपक कुमार और स्थानीय व्यापारी के बीच विवाद हुआ था। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और बाद में मामला मारपीट तक कैसे पहुंचा।
दीपक कुमार इससे पहले जनवरी में कोटद्वार के एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से जुड़े विवाद के बाद सुर्खियों में आए थे। उस समय कुछ लोगों ने दुकानदार की दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। दीपक कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए दुकानदार का समर्थन किया था। इसी दौरान हुए विवाद में उन्होंने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वे इसी नाम से भी पहचाने जाने लगे।
उस घटना के बाद दीपक को सोशल मीडिया पर काफी चर्चा मिली थी। कुछ लोगों ने उनके कदम का समर्थन किया था, जबकि कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने इसका विरोध किया था। तभी से वे स्थानीय स्तर पर एक चर्चित चेहरा बने हुए थे। अब व्यापारी से कथित मारपीट और धमकी के मामले में गिरफ्तारी के बाद उनका नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान मामले में कार्रवाई दर्ज शिकायत और जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर की गई है। अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी तरह के तनाव को बढ़ने नहीं दिया जाएगा। इसी वजह से गिरफ्तारी के बाद संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई।
पुलिस अब शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी विस्तार से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना में सभी पक्षों की भूमिका स्पष्ट होगी।
इस बीच दीपक कुमार की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई। कुछ लोग उनकी पुरानी घटना का जिक्र कर रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि मौजूदा कार्रवाई का आधार व्यापारी की शिकायत और वर्तमान मामले में जुटाए गए साक्ष्य हैं।
फिलहाल दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस जांच जारी है। उन पर लगाए गए आरोप न्यायिक प्रक्रिया में साबित होना बाकी हैं। पुलिस ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कही है और लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।





